प्यार एक ऐसा एहसास है जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता, लेकिन शायरी इस काम को बेहद खूबसूरती से कर देती है। जब दिल की बात जुबां पर न आए, तब Love Shayari in Hindi हमारे जज़्बातों को आवाज़ देती है। चाहे पहला प्यार हो, अधूरी मोहब्बत हो या सच्चा इश्क़, हर एहसास के लिए शायरी सबसे बेहतर तरीका है।
इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं Best 150+ Love Shayari in Hindi, जो आपके दिल को छू जाएंगी। ये रोमांटिक शायरी आप अपने पार्टनर, क्रश, पति-पत्नी या किसी खास इंसान के साथ शेयर कर सकते हैं। यहां आपको रोमांटिक लव शायरी, सच्चे प्यार की शायरी, khamoshi shayari hindi और दिल को छू लेने वाली शायरी का बेहतरीन कलेक्शन मिलेगा।
अगर आप सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाने के लिए या अपने प्यार को खास महसूस कराने के लिए खूबसूरत शब्द ढूंढ रहे हैं, तो यह कलेक्शन आपके लिए एकदम परफेक्ट है। 💖

तू मिल गई है तो मुझपे नाराज है खुदा,
कहता है की तू अब कुछ मांगता ही नही…!!!

मैं वहां जाकर भी मांग लूं तुझे,
कोई बता दे कुदरत के फैसले कहां होते है…!

हिम्मत तो नही मुझमें की तुझे तेरे परिवार से छीन लू ,
तुझे मेरे दिल से कोई निकाल दे इतना हक तो मैने खुद को भी नही दिया…!

मैं नही चाहता वो मेरे बुलाने से आए,
मैं चाहता हु वो रह ना पाए और बहाने से आए…!

वादों की तरह इश्क भी आधा रहा,
मुलाकाते आधी रही इंतजार ज्यादा रहा…

लोग मुझसे मेरी खुशी का राज पूछते है,
कहो तो बता दू तुम्हारा नाम…!

उम्र नही थी इश्क करने की,
बस एक चेहरा देखा और गुनाह कर बैठे…!!!

मोहतरमा आज हम फिर तुम्हारी यादों में बह गए,
चाय पूरी पी ली मगर बिस्कुट रह गए…!!!

तुम जिंदगी की वो कमी हो,
जो शायद जिंदगी भर रहेगी…!!!

अगर मेरे पास दुनियां की सारी खुशियां होंगी,
उस वक्त भी मुझे खुवाइश तेरी ही रहेगी…!!!

वो मोहब्बत झुटी कैसे हो सकती है,
जो शुरू ही दूरियो से हुई हो…!!!

प्रेम में डूबा हुआ ह्रदय उतना ही पवित्र है,
जितना गंगा जल में डूबा हुआ कलश…!!!

मुझे क्या पता तेरे सिवा कोई हसीन है या नही,
मैने तेरे सिवा किसी और को देखा ही नहीं…!

ना जाहिर हुई उनसे ना बयां हुई हमसे,
सुलझी हुई आंखो में उलझी रही मोहब्बत…!!!

आज फिर किसी ने देखा हमे मोहब्बत भरी निगाहों से,
आज फिर हमने तुम्हारी खातिर नजरे झुका ली…!!!

कुछ अलग ही प्रेम था उनके और मेरे बीच,
उनकी तरफ से अंत हो गया, मेरी तरफ से अनंत हो गया…!!!

चांद जैसी है वो इंतजार बहुत कराती है,
पर उसके आते ही मेरे आसमान की रौनक बढ़ जाती है…!!!

ऐसा नहीं के तेरे बाद कोई नजर नहीं आता,
सच तो ये है की तेरे बाद किसी को देखने की तमन्ना ही नहीं है…!

काश कोई मिले इस तराह के फिर जुदा ना हो,
काश कोई समझे ऐसे के फिर खफा ना हो..!!!

मैने तो यूं ही राख में फेरी थी उंगलियां,
देखा जो गोर से तेरी तस्वीर बन गई…!!!

टाइम लगेगा तो भी चलेगा,
लेकिन Wait तो हम आपका ही करेंगे…!!!

एक शख्स मेरे दिल की जिद है,
ना उस जैसा कोई चाहिए,
ना उसके सिवा कोई चाहिए,
बस वही चाहिए…!!!

तुमसे सच्ची मोहब्बत है जान,
वरना ये दिल सबको देख कर नही धड़कता…!

उससे इतना ज्यादा प्यार हो गया है की,
हर जगह अब बस वही दिखाई देते है…!

हर किसी के लिए नही तरशते हम,
एक ही शख्स है जिसे हम बेइंतहां प्यार करते है…!

लोग कहते है लड़के साथ नही देते,
मेरे साथ मिलकर लोगो को गलत साबित कर पाओगे क्या….!

कुछ खास तो नही किया मैने तुम्हारे लिए,
हां प्यार बहुत करते हैं तुमसे…!

उनका कोई जवाब ना आए तो क्या करे,
दिल बार बार उनको ही चाहे तो क्या करें…!

तुम अंदर तक बसे हो मेरे,
तुम्हे भूलने के लिए मुझे मौत का सहारा लेना पड़ेगा…!

तेरे सिवा किसी और के कैसे हो सकते है,
तुम खुद ही सोचो तुम्हारे जैसा कोई है क्या…!

ख्याल रक्खा करो अपना,
मेरे पास तुम्हारे जैसा कोई नहीं है…!

कितनी गोर से देखा होगा मेरी आंखो ने,
के तुम्हारे बाद कोई चेहरा अच्छा ही नहीं लगता…!

मैं चाहूं तो देख लू तेरे अलावा भी कोई,
पर आंखे वफादार, ये दगा नही करती…!

ये सारी दुनिया चाहे लाख खूबसूरत हो,
तू साथ नहीं तो हर मंजर अधूरा है…!

अगली बार जब कोई कहेगा मोहब्बत है तुमसे,
बस यही पूछूंगा कब तक रहेगी…!

चाहे वह कितनी भी तकलीफ दे फिर भी,
सुकून उसी के पास मिलता है…!

कभी सुबह को याद आते हो
कभी शाम को याद आते हो
कभी तो इतना याद आते हो
कि आईना हम देखते हैं और नजर तुम आते हो.!!!

तेरे होते हुए भी गिरते हैं मेरे आंसू,
तू सोच तेरे बाद मेरा हाल क्या होगा…!!!

तेरी पल पल की खबर मिलती है,
एक परिंदे से दोस्ती है मेरी…!

तुम आखिरी हसरत हो,
तुम्हारे बाद, प्यार, जिस्म, सुकून, नींद, दौलत, कुछ भी नही चाहिए…!

हर हाल में हसने का हुनर पास था जिनके,
वो रोने लगे है, तो कोई बात तो होगी…!

तेरे दीदार की खातिर आते हैं तेरी गलियों में,
वरना आवारगी के लिए तो पूरा शहर पड़ा है…!

मेरी मोहब्बत को तुम क्या आजमाओगे,
मेरी जान से ज्यादा तुम क्या मांग पाओगे,
मेरी मोहब्बत सितारों जैसी है,
क्या तुम सितारों को गिन पाओगे…!

पहली मुलाकात मुझे आज भी याद है,
उसे देर हो रही थी, फिरभी उसने हाथ पकड़ रक्खा था…!

अच्छा लगता है तेरे ख्यालों में खो जाना,
जैसे दूर होके भी तेरी बाहों में सो जाना…!

बात खत्म होगी कब्र की मिट्टी पर,
हम तुम्हे जिंदा भूल नहीं सकते…!

तुम मेरे सब्र का अंदाजा नहीं लगा सकते,
मैने उसे हस कर खो दिया जिसे रो कर मांगा था…!

नही है हौसला मुझमें तुम्हे खोने का सुनलो,
ये दुनियां मुझे खो देगी, अगर तुम मुझसे खो गए…!

तुम चाहो तो लेलो मेरी रूह की तलाशी,
यकीन मानो कुछ नही बचा, मुझमें तुम्हारी मोहब्बत के सिवा…!

मैं उसकी मर्जी के आगे कभी नहीं गया,
वो एक शख्स जान से प्यारा है मुझे…!

तुझको लेकर मेरा ख्याल नही बदलेगा,
दिन, बदलेंगे, साल बदलेंगे, लेकिन ये दिल–ए–हाल नही बदलेगा…!

इंतजार, इजहार, इबादत, सब किया मैने,
तुमसे क्या बताऊं कितना इश्क किया मैने…!

हम जो तुमसे मिले इत्तेफाक थोड़ी है,
मिलके तुमको छोड़ दें मजाक थोड़ी है,
अगर होती मोहब्बत तुमसे एक हद तक तो छोड़ देते,
पर हमारी मोहब्बत का हिसाब थोड़ी है…!

मुझे मोहब्बत का पता तब चला,
जब तुम्हे खोने के डर से मेरी आंख में आसू था…!

करोगे एक दिन हमसे मिलने की आरजू मगर,
पाओगे हमको बस कभी ख्यालों में कभी सावलो में…!

मैने उससे पूछा जान कैसे निकलती है,
उसने चलते चलते मेरा हाथ छोड़ दिया…!

उसे मेरी इबादतों पर भी यकीन नही है,
जिसकी खुशियां मैं रब से रो रोकर मांगता हु…!

तेरे बिना कैसे जिंदगी की कहानी लिखूं,
तुझे इश्क लिखूं वफा, लिखूं या फिर अपनी जिंदगानी लिखूं…!

बांध लू हाथ में या सीने से लगा लूं तुमको,
दिल में आता है के ताबीज बना कर रूह में बसा लूं तुमको…!

मुस्कुराहट पर शुरू और रुलाने पर खत्म,
इसी सजा को लोग प्यार कहते है…!

इश्क की नगरी में माफी नहीं किसी को,
इश्क उम्र नही देखता बस उजाड़ देता है…!

कदमों में तख्त-ओ-ताज भी रक्खे गए मगर,
हम से तुम्हारी याद का सौदा ना हो सका…!

आज भी देखता हु तस्वीर उसकी,
आज भी उससे अच्छा कोई नही लगता…!

नही बस्ती किसी और की सूरत अब इन आंखों में,
काश की हमने तुझे इतनी गौर से ना देखा होता…!

ना रोने की सजा है ना रुलाने की सजा है,
ये दर्द बस किसी को चाहने की सजा है…!

बिछड़ा इस कदर के रुत ही बदल गई,
एक शख्स सारे शहर को वीरान कर गया…!

लोग कहते है, दर्द है मेरे दिल में,
और हम मुस्कुराते मुस्कुराते थक गए…!

मुझे पता है वो याद तो करती होगी मुझे,
इतनी जल्दी मेहबूब को भुलाया नही जाता…!

उसको पाने की ज़िद मत कर ए दिल,
वो तो रोज नया बहाना ढूंढता है तुझ छोड़ के जाने का….!

चलो माना की हमे प्यार का इजहार करना नही आता,
जज़्बात ना समझ सको इतने नादान तो तुम भी नही..!

मुझको मारा है हर एक दर्द-ओ-दवा से पहले,
दी सजा इश्क़ ने है जूर्म-ओ-खाता से पहले…!

मर तो जाना ही है एक दिन,
तुम मिल जाओ तो थोड़ा और जी लेंगे…!

एक ही थी प्यार से बात करने वाली,
अब वो भी नजर अंदाज करने लगी…!

बहुत देर करदी तुमने मेरे दिल की धड़कन महसूस करने में,
वो दिल नीलाम हो गया जिसपर कभी हुकूमत तुम्हारी थी…!

मसला तो सुकून का है,
जिंदगी तो हर कोई काट रहा है…!

जिस इंसान के साथ सुकून मिलता है,
उसके साथ वक्त बहुत कम मिलता है…!

दुनिया को हकीकत मेरी पता कुछ भी नही,
इल्जाम हजारों है खाता, कुछ भी नही,
मेरे दिल में क्या है पढ़ ना सकोगे,
सारे पन्ने भरे है और लिखा कुछ भी नही…!

हर बात में तेरा जिक्र है हर फिजा में तेरा प्यार है,
एक तरफ ही सही लेकिन तुझसे आज भी प्यार है…!

हम गमों को छापने का कारोबार करते है,
कसूर बस इतना है की हम गम देने वाले से ही प्यार करते है…!

तुम्हारा होना ही मेरे लिए सबसे खूबसूरत एहसास है,
तुम पास होते हो तो ऐसा लगता है की सारी दुनिया मेरे पास है…!

जिस पर सब विषयों को संभालने की जिम्मेदारी,
होती है वह काफी अक्सर रफ बन जाती है…!

तेरी बातों में जिक्र उसका मेरी बातों में जिक्र तेरा,
अजब इश्क है जानम ना तू मेरा ना वो तेरा…!

कोन कहता है रात गई बात गई,
यहां तो रात होते ही सारी बाते याद आती है…!

वक्त कम मिला था साथ निभाने के लिए,
एक बार फिर जन्म लेंगे, अधूरा इश्क पूरा करने के लिए…!

मत चाहो किसी को इतना की बाद में रोना पड़े,
ये दुनिया चाहत से नही जरूरत से प्यार करती है…!

लगाकर काटे ये ना सोच गुलाब आयेंगे,
सवाल जैसे होंगे वैसे ही जवाब आयेंगे…!

मैं अब जीत भी जाऊं तो दिल खुश नहीं होता,
मैने जिस शख्स को हारा वो कीमती बहुत था…!

प्रेम में बराबरी सिर्फ प्रेम ही होना चाहिए,
ना की उसमे रंग, रूप, और ओहदे की बात आए…!

जुबान कड़वी सही मगर दिल साफ रखता हु,
कौन कहा कब बदल गया सब हिसाब रखता हु…!

मौत और मोहब्बत दोनो की पसंद कितनी अजीब है,
एक को दिल चाहिए, दूसरे को धड़कन…!

मोहब्बत तो दिल से को थी मैने, पर दिमाग उसने लगा दिया,
बेवफा वो खुद थे और इज्जाम मुझपार लगा दिया…!

किराए पर जिस्म मिलता है जनाब,
रूह खरीदने के लिए दिल बेचना पड़ता है…!

खता उनकी भी नहीं यारो वो भी क्या करते,
बहुत चाहने वाले थे किस किस्से वफा करते…!

ये लाली, ये काजल, और ये जुल्फे खुली खुली,
अरे ऐसे ही जान मांग लेते इतने इंतजाम की क्या जरूरत थी…!

सारे ख्वाब कांच की तरह बिखरे मिलेंगे,
मोहब्बत करने वालों के चेहरे उतरे मिलेंगे…!

हंसकर कबूल क्या कर ली सजाएं मैंने,
अपने दस्तूर ही बना दिया हर इल्जाम मुझ पर लगाने का…!

तेरे होठ, तेरी जुल्फे, तेरे गाल, तेरे हाथ,
ये सब बाद की बाते है तेरी आंखे बहुत प्यारी है…!

मोहब्बत में फुर्सत नहीं मिली वरना,
करके बताते नफरत किसे कहते…!

हमारे साथ कुछ ऐसा हुआ,
जब पैसे जमा किए पसंद का खिलौना ही बिक गया.!!!

इश्क हो रहा है तुमसे क्या किया जाए,
अब रोक खुदको या होने दिया जाए…!

कैसे ना मर मिटू उसपर यारो,
पगली रूठ कर भी कहती है संभाल कर जाना…!

वो कहते है सोच लेना था इश्क करने से पहले,
अब हम उन्हे कैसे बताएं सोचकर साजिशे की जाती है इश्क नहीं…!

आ लिख दू कुछ तेरे बारे में,
मुझे पता है की तू रोज ढूंढती है खुद को मेरे अल्फाजों में…!

तुम्हारे पैरों की खाक उठाकर सुरमा लगाऊं,
तो मानोगे मोहब्बत है…!

चाह कर भी नही पूछ सकता उनका हाल,
डर है की वो ये ना कह दे ये हक तुम्हे किसने दिया…!

इश्क तो आता है मुझे, अगर करू तो कमाल करदू,
अगर वो बनके मिले मेहरम तो इश्क बेमिसाल करदू…!

मैं नहीं चाहता वो मेरे बुलाने से आए,
मैं चाहता हु वो रह ना पाए और बहाने से आए…!