प्यार को खूबसूरत शब्दों में पिरोना रिश्ते को और मजबूत बना देता है। romantic shayari for boyfriend उन्हीं भावनाओं को संवेदनशील अंदाज़ में बयां करती है, जो आपके दिल में रहती हैं पर अक्सर कह नहीं पाते। ये शायरियाँ रोमांस, भरोसा और अपनापन बढ़ाने का एक प्यारा ज़रिया बनती हैं।
जब आप अपने बॉयफ्रेंड को खास महसूस कराना चाहें या रिश्ते में नई warmth लाना चाहें, तो एक रोमांटिक शायरी ही सबसे असरदार तरीका बन जाती है। यह कलेक्शन दिल की गहराइयों को छूता है और प्यार में मौजूद मिठास को और भी खूबसूरती से सामने लाता है।
1.
अक्ल आती है तो शादी हो जाती है,
मोहब्बत आती है तो ज़िम्मेदारियाँ आ जाती हैं।
आराम का वक़्त आता है तो बीमारियाँ घेर लेती हैं,
ज़िंदगी समझ आने लगती है तो जाने का वक़्त आ जाता है।
2.
पूरी उम्र सपनों के पीछे भागते रह गए,
मनचाही ज़िंदगी की आस में जीते रहे।
यह भूल गए कि जो आज है वही असली ज़िंदगी है,
कल तो बस एक सपना है, जिसकी कोई ताबीर नहीं।
3.
ज़िंदगी का फ़लसफ़ा आज तक समझ नहीं आया,
एक तरफ़ कहती है सब्र का फल मीठा होता है।
और दूसरी तरफ़ कहती है कि वक़्त किसी का इंतज़ार नहीं करता,
कभी कहती है रुक जाओ, कभी कहती है चल पड़ो।
4.
कोशिश करो कि हर लम्हा किसी के साथ अच्छा गुज़रे,
क्योंकि ज़िंदगी का कुछ भरोसा नहीं कब साथ छोड़ दे।
ज़िंदगी तो चुपचाप गुज़र जाती है,
बस अच्छी यादें ही रह जाती हैं।
5.
ज़िंदगी का सच्चा सुकून तब मिलता है,
जब दिल में कोई गिला न हो, ज़ुबान पर शिकवा न हो।
किस्मत से कोई लड़ाई न हो,
और जो है उसी में रज़ा हो।
6.
एक आइडियल ज़िंदगी जीने के लिए नियम अपनाओ,
खाना आधा करो, चलना ज़्यादा करो।
मुस्कुराना तीन गुना बढ़ा दो,
और प्यार चार गुना कर दो।
7.
उम्र के साथ इंसान बड़ा अमीर हो जाता है,
चांदी बालों में, सोना दाँतों में आ जाता है।
मोती आँखों में, शक्कर खून में,
और कीमती पत्थर किडनी में आ जाते हैं।
8.
कुदरत का निज़ाम भी कितना अजीब है,
पंछी कीड़े खाते हैं, फिर कीड़े पंछियों को खा जाते हैं।
इंसान सब्ज़ियाँ खाता है जो मिट्टी से आती हैं,
और आख़िर में मिट्टी इंसान को खा जाती है।
9.
मुझसे मोहब्बत के लिए तेरी मौजूदगी ज़रूरी नहीं,
मेरे रग-रग में तेरी रूह का एहसास काफ़ी है।
आज़माते हैं लोग सब्र मेरा,
ज़िक्र तुम्हारा बार-बार करके।
10.
हमने रखा है दिल में बड़े एहतराम से,
वो ग़म जो दिया है तुमने मोहब्बत के नाम से।
चाहत के चिरागों में यही अजीब बात है,
मद्धम तो हो जाते हैं मगर बुझते नहीं।
11.
करो तलाश तो कोई मिल ही जाएगा,
मगर मेरी तरह तुम्हें कौन चाहेगा।
तुम्हें ज़रूर कोई हसरतों से देखेगा,
मगर वो आंखें हमारी कहाँ से लाएगा।
12.
जब हम किसी से मोहब्बत करते हैं,
तो उसे बहुत ऊँचा मुक़ाम देते हैं।
इतना ऊँचा मुक़ाम कि आख़िरकार,
वो शख़्स हमारी पहुँच से बाहर हो जाता है।
13.
रोने की सज़ा है ना रुलाने की सज़ा है,
ये दर्द मोहब्बत को निभाने की सज़ा है।
हँसते-हँसते आ आते हैं आँखों में आँसू,
ये एक ही शख़्स को बेपनाह चाहने की सज़ा है।
14.
हो जाए मोहब्बत तो हम सोचा नहीं करते,
चाँद जैसे लोगों से कभी धोखा नहीं करते।
जो हमारी महफ़िल में आ जाए तो ख़ुश आमदीद,
जो उठ के चला जाए उसे रोका नहीं करते।
15.
कभी आओ दस्तक दो मेरे दिल पर,
मोहब्बत पहले से कम हो तो शिकायत करना।
मेरे दिल में उतर सको तो शायद जान लो,
कितना मुश्किल है किसी से खामोश मोहब्बत करना।
16.
बड़ी शौक़ से करो तुम किसी और से मोहब्बत,
तेरे प्यार के जज़्बे मेरे क़ैदी तो नहीं।
हम ही वफ़ा करने वाले हर दम वफ़ा करेंगे,
एक है जान हमारी, वो भी तुम पे फ़िदा करेंगे।
17.
ज़िंदगी सिसकी से शुरू हो कर, हिचकी पर खत्म हो जाती है।
ये छोटा सा सफर, बहुत चुपचाप गुजर जाता है।
अपने कर्मों के दीप जलाओ, रौशनी फैलाओ चारों ओर,
ताकि मौत की राह में अंधेरा महसूस ना हो।
18.
बारिश की तरह खुशियाँ बरसती रहें तुझ पर।
हर बूँद तेरे दिल से हर ग़म को मिटा दे।
सुकून हो तेरी हर साँस में, हर पल तेरा हो।
तू मुस्कुराता रहे, तेरी आँख कभी नम ना हो।
19.
मेरी हँसती हुई ज़िंदगी वीरान बना गई।
दिल पर ज़ख़्म का नया निशान बना गई।
वक़्त बुरा था या हम ही ग़लत थे शायद।
वो दिल से खेलकर अजनबी बना गई।
20.
साथ चलने को निकले थे सारे दोस्त रास्तों में।
पर मेरी मंज़िल का साथी तो बस साया निकला।
अपनों ने भी ना सोचा कि मैं बिखर जाऊँगी।
बिना घोंसले के परिंदे अक्सर मर ही जाते हैं।
21.
वो ईद के चाँद की तरह कभी-कभी नजर आता है।
जो हर रोज़ ख्वाबों में आता था, अब ख्वाबों में ही रह गया।
ये भी ख्वाबों की मेहरबानी है शायद।
जाने वाले अब भी कभी-कभी दिख जाते हैं।
22.
कमज़र्फ क्या समझेंगे हमारे ज़र्फ की बात।
हमने तूफ़ानों में उड़ना सीखा है दिन-रात।
काम से ही इंसान की पहचान होती है यारों.
महँगे कपड़े तो पुतले भी पहनते हैं दुकानों में।
23.
जिस इंसान से जान निकल जाए वो मर जाता है।
और जिससे एहसास चला जाए, वो जीते जी मर जाता है।
जिस्म ज़िंदा होकर भी खाली सा लगता है फिर।
ऐसा इंसान, इंसान ही नहीं रहता है फिर।
24.
एहसास हमेशा नस्ल देखकर ही किया करो।
बकरी सूखी घास खाकर भी मीठा दूध देती है।
और साँप मीठा दूध पीकर भी डस ही लेता है।
जो दिखता है, वो हमेशा सच्चा नहीं होता।
25.
जहां तुम्हारे सच्चेपन की कद्र न हो,
वहां रुककर खुद को मत गिराओ।
अगर सुकून चाहिए ज़िंदगी में,
तो गैरज़रूरी रिश्ते छोड़ दो।
26.
तुझे है मश्क-ए-सितम का मलाल वैसे ही।
हमारी जान थी जाँ पर वबाल वैसे ही।
शोला था जल बुझा हूँ, हवाएँ मुझे न दो।
मैं कब का जा चुका हूँ, सदाएँ मुझे न दो।
27.
न हरीफ़-ए-जाँ, न शरीक-ए-ग़म-ए-शब-ए-इंतज़ार कोई तो हो।
किसे बज़्म-ए-शौक़ में लाएँ हम, दिल-ए-बेकरार कोई तो हो।
बस्तियाँ दूर होती जा रही हैं रफ्ता-रफ्ता।
दम-ब-दम आँखों से छुपते चले जाते हैं चराग़।
28.
अगरचे ज़ोर हवाओं ने डाल रखा है।
मगर चराग़ ने लौ को संभाल रखा है।
दौलत-ए-दर्द को दुनिया से छुपा कर रखना।
आँख में बूँद न हो, दिल में समंदर रखना।
29.
तेरे क़रीब आके बड़ी उलझनों में हूँ।
मैं दुश्मनों में हूँ या तेरे दोस्तों में हूँ।
मेरे रसूल की निस्बत तुझे उजालों से।
मैं तेरा ज़िक्र करूँ सुबह के हवालों से।
30.
जहाँ भी जाना तू आँखों में ख़्वाब भर लाना।
ये क्या कि दिल को हमेशा उदास कर लाना।
जो चल सको तो कोई ऐसी चाल चल जाना।
मुझे गुमाँ भी न हो और तुम बदल जाना।
31.
वफ़ा के ख़्वाब, मोहब्बत का आसरा ले जा।
अगर चला है तो जो कुछ मुझे दिया, ले जा।
कहा था किसने तुझे आब-रू गँवाने जा।
और उसे हाल-ए-दिल सुनाने जा।
32.
सुकूत-ए-शाम-ए-ख़िज़ाँ है, क़रीब आ जाओ।
बड़ा उदास समां है, क़रीब आ जाओ।
दिल बहलता है कहाँ अंजुम ओ महताब से भी।
अब तो हम लोग गए दीदा-ए-बेख़्वाब से भी।
33.
मुझसे मिलते हैं तो मिलते हैं चुरा कर आँखें।
फिर वो किस के लिए रखते हैं सजा कर आँखें।
रफ़ाक़तों में पशेमानियाँ तो होती हैं।
कि दोस्तों से भी नादानियाँ तो होती हैं।
34.
हमना वो नहीं जो दुनिया से डर जाए।
हमना वो नहीं जो हालात से मर जाए।
जिस राह पर चलें, पहचान छोड़ जाए।
हमना वो हैं जो तूफ़ानों से टकरा जाए।
35.
हमारी खामोशी को कमजोरी मत समझो।
ये हुनर हर किसी को नहीं आता।
एक नजर में समझ जाते हैं हमना।
कौन सच्चा है और कौन बस दिखाता।
36.
हमना में घमंड नहीं, पर खुद्दारी बहुत है।
जो छोड़ दें, फिर पीछे मुड़कर नहीं देखते।
जिसने वक्त पर हमें नहीं पहचाना।
हम अब उसे ख्वाबों में भी नहीं देखते।
37.
हमना वो हैं जो आईने में मुस्कुराते हैं।
और बातों को हवा में उड़ाते हैं।
जो दिल में हो, सीधा चेहरा कहता है।
दोगलेपन से हम दूर ही रहते हैं।
38.
हमारी चुप्पी को हार मत समझना।
हमना तो वो हैं जो वक़्त पर पहचान मिलते हैं।
नर्मी हमारी आदत है, कमजोरी नहीं।
हमना वो हैं जो खेल पलट देते हैं।
39.
हमना की सोच सबसे अलग होती है।
इसलिए हर बात पर बदलते नहीं।
जो एक बार दिल में आ जाए।
उसे ज़िंदगी भर निभाते हैं।
40.
तेरे बिना अब दिल को चैन नहीं आता,
तेरी यादों से ही दिल बहल जाता,
हर एक धड़कन में तू बस गया है,
तेरे बिना ये दिल कहीं नहीं जाता।
41.
तेरी मुस्कान पे दुनिया फिदा है,
तेरे इश्क़ में सब कुछ बेमिसाल है,
हर बात में तेरा नाम शामिल है,
तू ही मेरी ज़िंदगी का कमाल है।
42.
दिल में बस गया तेरा ख्याल सदा,
तेरे बिना अधूरा लगता है ये जहाँ,
तेरी यादें हैं मेरी पहचान अब,
तू ही तो है मेरी हर दुआ में यहाँ।
43.
चाँद भी शरमा जाए तेरे नूर से,
तेरी आँखों में खोया हूँ मैं ज़रूर से,
तेरे बिना सब अधूरा लगता है,
तेरी यादों में ही जीता हूँ मैं जरूर से।
44.
तेरे बिना अब सुकून नहीं आता,
हर ख्याल में बस तू ही नज़र आता,
तू जो पास हो तो दुनिया हसीन लगे,
तेरे बिना हर दिन अधूरा लगे।
45.
तेरी हँसी में कुछ खास बात है,
हर लम्हा तुझसे मुलाकात है,
तेरे बिना ये दिल अधूरा सा है,
तेरे साथ ही ज़िंदगी की सौगात है।
46.
तेरी आँखों की वो चमक जुदा है,
तेरे बिना कुछ भी नहीं रहा है,
तू जो साथ हो तो सब सही लगे,
तेरे बिना सब वीरान रहा है।
47.
तू रूठे तो ज़माना भी खामोश लगे,
तेरी बातें दिल को मदहोश करे,
हर पल तुझसे मिलने की चाह है,
तेरे बिना सब कुछ अधूरा लगे।
48.
तेरे नाम से ही दिन की शुरुआत करूँ,
तेरे ख्वाबों में हर रात गुज़ारूँ,
तेरी धड़कन में ही मेरी ज़िंदगी है,
तेरे प्यार पे बस मैं जान वारूँ।
49.
तेरे बिना अब कोई ख्वाब नहीं,
तेरे सिवा कोई जवाब नहीं,
हर दुआ में तेरा नाम लिखा है,
तू ही मेरा पहला और आख़िरी ख्वाब है।
50.
तेरे जाने के बाद सन्नाटा है हर ओर,
दिल तन्हा है, मगर यादें हैं भोर,
तेरी हर याद में दर्द छिपा है,
पर तेरे बिना अब जीना भी मज़बूर।
51.
तेरी यादें दिल में बस जाएँ,
हर लम्हा तेरी बातें सुहाएँ,
तेरे बिना अधूरी हर खुशी है,
तेरे प्यार में ही दिल रह जाए।
52.
तू सामने हो तो दुनिया हसीन लगे,
तेरे बिना सब अधूरा-सा लगे,
हर धड़कन में तेरा नाम लिखा है,
तेरे बिना अब दिल कहीं न लगे।
53.
तेरी हँसी में ये दिल खो जाता,
तेरी बातों में सब रंग जो आता,
तेरे बिना हर पल वीरान लगे,
तेरी यादों में ही दिल मुस्कुराता।
54.
तेरे प्यार में ये दिल झूम उठे,
तेरी चाहत में हर दिन खिला लगे,
तेरे बिना अब कोई रंग नहीं,
तू ही मेरी खुशियों का हिला लगे।
55.
तेरी आँखों का जादू कुछ ऐसा,
हर रात तुझसे मिलने का मन करता,
तेरी यादों में सब कुछ भुला दूँ,
तेरे बिना ये दिल क्यों रोता।
56.
तेरे बिना सब कुछ अधूरा लगता है,
हर खुशी भी बेवजह लगता है,
तेरी यादें अब भी साथ हैं मेरी,
पर तू अब कहीं दूर लगता है।
57.
वो पल अब भी याद आते हैं,
जब तू मेरे पास बैठ जाती थी,
अब तन्हाई में बस यादें हैं,
जो हर रोज़ दिल को रुला जाती हैं।
58.
तेरे बिना अब मुस्कुराना मुश्किल है,
तेरे बिना सब कुछ अधूरा सा है,
हर दिन तेरे ख्यालों में गुज़रता है,
तू ही तो मेरी दुनिया का नूर सा है।
59.
तेरी अदाओं पे ये दिल कुर्बान है,
हर लफ़्ज़ में तेरा ही नाम है,
तू मेरी खामोशी की आवाज़ है,
तेरे बिना ज़िंदगी वीरान है।
60.
तेरी आँखों की वो बात निराली है,
तेरी हँसी में दुनिया वाली है,
तेरे बिना हर पल अधूरा लगता है,
तू मेरी जान, मेरी दुनिया वाली है।