दिल टूटने का एहसास शब्दों में समेटना आसान नहीं होता, लेकिन heartbreak shayari उस गहरे दर्द को बखूबी बयान करती है। ये शायरियाँ टूटे भरोसे, बिखरी उम्मीदों और खामोश पीड़ा को दिल छू लेने वाले अंदाज़ में सामने लाती हैं।
जब कोई अपना दूर हो जाए या रिश्ता अचानक खत्म हो जाए, तब शायरी ही वह ज़रिया बनती है जो दिल की चुप्पी को आवाज़ देती है। यह कलेक्शन उन पलों को दर्शाता है जब दर्द सबसे गहरा होता है, लेकिन शब्दों की ताक़त दिल को धीरे-धीरे संभालने में मदद करती है।
1.
टूटे दिल की फ़रियाद रब भी सुनता नहीं है
लवों पर आ ही जाता है दर्द छुपता नहीं है
जब भी उसकी याद आती है कभी तन्हाई में
दामन भिगो देता हैं अश्क रुकता नहीं है ।।
2.
मुस्कुरा के हमने दर्द को अपना बना लिया है
टूटे हुए दिल से हर एक सपना सजा लिया है
नीदों में भी खलल रहती उसकी यादों की
दाग दामन पर उस बेवफा का लगा लिया है ।।
3.
फिर आशिकी का कभी ख्याल नही आयगा
इस दिल को अब कोई मलाल नहीं आयेगा
हमको दे के दर्द वो अपने शहर जा चुकी है
पूछने इस दिल का कोई हाल नहीं आयेगा ।।
4.
टूटने के बाद हो गयी पहचान जिन्दगी का
हमने भी मान लिया है अहसान जिन्दगी का
मेरे इस जहां से जाने का कुछ तो मलाल होगा
लेकिन चर्चे में रहेंगे मेरे दास्तान जिन्दगी का ।।
5.
मेरे वफ़ा की कश्ती को किनारा भी न मिला
उस बेवफा को किसने पतवार दे दिया है
हमारे हिस्से में बस दर्द और आंशू ही रहे
उसको खुशियों का सारा संसार दे दिया है।।
6.
मुझको मेरे हाल पर छोड़ कर जाने से पहले
आगाह कर दिया होता दिल लगाने से पहले
हम एक दिल और भी खुदा से मांग लेते
फिर ये दर्द नहीं सहते टूट जाने से पहले।।
7.
सांस है अभी मुझमे दर्द सहने के लिए
कोई तो दवा दे मुझे चुप रहने के लिए
टूटा हूँ बिखरा नहीं हूँ घबराती क्यों हो
लव मचल रहे हैं तुझे इश्क कहने के लिए ।।
8.
टूट हुए दिल की फ़रियाद सुनता गर कोई
मेरे राहों के बिखरे काँटों को चुनता गर कोई
मै भी इश्क के बाजार से वफ़ा खरीद लेता
वफ़ा को बेचने वाला मिलता अगर कोई ।।
9.
चाहत के गुल की डाली मुरझाने लगी है
उससे बेवफाई की महक आने लगी है
इस टूटे दिल का दर्द सहा नहीं जाता है
और वो मेरे हालात पर मुस्कुराने लगी है ।।
10.
सोचा न था हाल-ए-दिल इस कदर होगा
इश्क में टूट कर घायल ये जिगर होगा
उससे मीठी सी मुस्कान की चाहत थी हमको
मालूम न था वफ़ा के नाम कोई खंजर होगा।।
11.
इश्क की गली में जिन्दगी की शाम हो रही है
अब तो वफ़ा सीख ले उम्र तमाम हो रही है
तेरे मेरे इश्के के चर्चे सारे शहर में हो रहे हैं
थोडा तो रहम कर चाहत बदनाम हो रही है ।।
12.
दिल हमारा हमसे चुरा कर किधर चल दिए
देखो टूटे न संभाल कर रखना नादान को
तुम्हारे जख्म से उफ़ तक शायद न कर सके
दर्द में तड़प लेता है, खोलता नहीं जुबान को।।
13.
दिल टूटा था मेरा मै बदनाम नहीं था
इश्क में ऐसा मेरा अंजाम नहीं था
तुमसे चाहत करके कई दर्द संभाले है
जख्म ताजे है अभी तो कांटे निकाले है।
14.
इश्क की गली से गुजरो तो अहसास होगा
इक दर्द का समंदर भी आपके पास होगा
किस तरह से दिल टूट कर बिखर जाते हैं
मेरी कहानी पर तुमको भी विश्वास होगा ।।
15.
दिल टूट कर भी धडकनों से साज करता है
जख्म करने वाले को हर पल याद करता है
उसको कभी भी दर्द की परछाई न मिले
वो सलामत रहे दिल यही फ़रियाद करता है।।
16.
कोई टूटे दिल के टुकड़ों को एक साथ रख दे
दर्द से राहत मिले मेरे दिल पर हाथ रख दे
मै अपनी जुबां से हकीकत कैसे बयाँ करूं
उसकी महिफल में काश कोई मेरी बात रखदे ।।
17.
आईने में हरपल जिसको निहारता रहा हूँ मै
अक्सर जिसकी हसरतों को सवांरता रह हूँ मै
जिसने मेरे दिल को टुकड़ों में बदल दिया है
दर्द के आलम उसे ही पुकारता रहा हूँ मै ।।
18.
इस टूटे दिल सदा कोई सुनता नहीं है
ख्वाब बिखर गए हैं कोई बुनता नहीं है
दर्द हद से ज्यादा गुजर रहा है सीने में
अश्क अब तो पलकों में रुकता नहीं है ।।
19.
हर लम्हा कुछ सिखा जाता है
जो सह ले दर्द वही जी पाता है
मत डर ज़िंदगी की ठोकर से
ठोकरों से इंसान सफलता पाता है।
20.
मुश्किलें जब भी आएंगी
ज़िंदगी कुछ ना कुछ सिखाएंगी
टूटना भी जरूरी है कभी
तभी तो ज़िंदगी आगे बढ़ पाएगी।
21.
हौंसला रख हर मोड़ पर
एक दिन तू जीत जाएगा
ऐसे ही चलते रहे मंजिल पे
ज़िंदगी में सफलता तू पाएगा।
22.
बीते हुए कल पे मत रो
मेहनत करते जाना है
कल की नहीं करना फिक्र
ज़िंदगी में आगे बढ़ते जाना है।
23.
ज़िंदगी हर दिन इम्तिहान लेती है
कभी हंसाती है कभी रुलाती है
जो मुस्कुराए दुख में भी
उसी की मुश्किल आसान बनाती है।
24.
मेहनत करते जाएंगे
तो मंजिल मिल ही जाएगी
तेरी मेहनत एक दिन तुझे
ज़िंदगी में जीत दिलाएगी।
25.
हर चेहरा मुस्कुराता नहीं
हर रिश्ता निभ पाता नहीं
दर्द में भी मुस्कुराना पड़ता है
ज़िंदगी में आंसू बहना पड़ता है।
26.
कभी यादें रह जाती है
कभी आंखें नम हो जाती हैं
ये ज़िंदगी है साहब
यहां हर खुशी भी कम हो जाती है।
27.
रिश्तों को वक़्त देना सीखो
खुद से प्यार हो जाएगा
जिन दर्द से गुजरा है तू
एक दिन याद करके मुस्कुराएगा।
28.
जो वक्त पे संभल जाता है
वो ज़िंदगी में जीत जाता है
जो हारकर भी मुस्कुरा दे
वो हर ग़म को हराता है।
29.
ज़िंदगी किताब है खुली
हर पन्ना कुछ सिखा गया
जो समझा ज़िंदगी का मतलब
वो हर दुख को भुला गया।
30.
हर दिन नया मुकाम है
हर दिन नए अरमान है
ज़िंदगी से शिकवा कैसा है
ज़िंदगी का दूसरा नाम इम्तेहान है।
31.
कभी हंसाती कभी रुलाती है
हर मोड़ पे नए सबक सिखाती है
दर्द में भी मुस्कुराना पड़ता है
ज़िंदगी ऐसे ही जी जाती है।
32.
वफ़ा की उम्मीद ना रखना
वफाएं तोड़ दी जाती है
जब कोई अपना लगता है
ज़िंदगी तभी उसको दूर ले जाती है।
33.
अधूरी ख्वाहिशें अच्छी हैं
हर मोड़ पे जीना सिखाती है
ज़िंदगी हर लम्हे में कुछ
नई उम्मीदें जगाती है।
34.
सुकून कहीं बिकता नहीं
ज़िंदगी यूं ही ठहरती नहीं
मन करता है खुश रहने का
उम्मीदें एक जगह टिकती नहीं।
35.
कुछ पाने की चाह में
आंख आंसू से भिगो ना देना
ज़िंदगी है अनमोल यारो
इसे बेकार में खो मत देना।
36.
हर रास्ते पे आगे बढ़ना
हर मुश्किल को हल करते रहना
ज़िंदगी का नाम है सफर
ठोकर खाकर मंजिल पे चलते रहना।
37.
वक़्त का क्या है गुजर जाएगा
हर ज़ख्म एक दिन भर जाएगा
ज़िंदगी का दस्तूर है यही
जो रोएगा वो एक दिन मुस्कुराएगा।
38.
हर रोज़ जीना है
कड़वा घूट पीना है
कितना भी दर्द हो
ज़िंदगी को जीना है।
39.
मैं तेरे नसीब कि बारिश नहीं जो तुझपे बरस जाऊं
तुजे तक़दीर बदलनी होगी मुझे पाने के लिए।
40.
जो न मानो तो फिर तोल लेना तराजू के पलड़ों पर
तुम्हारे हुस्न से कई ज्यादा मेरा इश्क भारी है।
41.
तूम्हारे बाद मेरा कोन बनेगा हमदर्द,
मैंने अपने भी खो दीए तूम्हे पाने कि जीद मे।
42.
मोहब्बत भीख है शायद,
बड़ी मुश्किल से मिलती है।
43.
गुनाह है गर इश्क तो,
कबूल है मुझे हर सज़ा इश्क की।
44.
चले जाएंगे तुझे तेरे हाल पर छोड़कर,
कदर क्या होती है ये तुझे वक्त सिखा देगा।
45.
काश
किस्मत भी नींद की तरह होती,
हर सुबह खुल जाती।
46.
क्यूँ शर्मिंदा करते हो रोज,
हाल हमारा पूँछ कर,
हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा हैं।
47.
कल एक फ़कीर ने मेरी आँखों में झांक के बोला,
ऐ बन्दे तू तो बहुत खुशमिजाज़ था
इश्क़ होने से पहले।
48.
एक तरफ एक क़ातिल है,
एक तरफ एक हसीना,
मै क़ातिल की तरफ गया,
सोचकर की वो एक ही बार मौत देगा।
49.
ऐ जिंदगी तू सच में बहुत ख़ूबसूरत है,
फिर भी तू उसके बिना अच्छी नहीँ लगती।
50.
वो तो कह कर चली गयी की मुझे कल से भूल जाना,
सदियों से में “आज” को रोक कर बैठा हूँ।
51.
शायरी मेरा शौक नहीं,
ये तो मोहोब्बत की कुछ सज़ाएं हैं।
52.
परेशान न हो मै गम मै नहीं हुं,
सिर्फ मुस्कराने की आदत चली गई हैं।
53.
छोटे थे तो सब नाम से बुलाते थे,
बड़े हुए तो बस काम से बुलाते है।
54.
समंदर के बीच पहुँच कर फ़रेब किया तुमने,
तुम कहते तो सही
किनारे पर ही डूब जाते हम।
55.
न करवटे थी न बेचैनियाँ थी,
क्या गजब की नींद थी
मोहब्बत से पहले।
56.
सुलग रही हैं अगरबितयाँ सी मुझ में,
तेरी याद ने महका भी दिया
और जला भी दिया।
57.
साला दिल तो सिने मैं होता है,
पर जब टूटता है,
तो दर्द पुरे जिस्म मैं होता है।
58.
तू रूठी रूठी सी रहती है ऐ जिंदगी,
कोई तरकीब बता तुझे मनाने की,
मैं साँसें गिरवी रख दूंगा अपनी,
बस तू कीमत बता मुस्कुराने की।
59.
उसने यह सोचकर अलविदा कह दिया,
गरीब लोग हैं,
मुहब्बत के सिवा क्या देँगे।
60.
ऐ खुदा काश
तेरा भी एक खुदा होता तो तुझे भी ये अहसास होता कि,
दुआ कुबुल ना होने पे कितनी तकलीफ होती है।
61.
क्या बात करे यार इस दुनीया की,
जो सामने है ऊसे बुरा कहते है,
और जीसे कभी देखा नही
ऊसे “खुदा” कहते है।
62.
ख्वाहिशों को जेब में रखकर निकला कीजिये जनाब,
खर्चा बहुत होता है,
मंजिलों को पाने में।
63.
कोशिश बहुत की, राज़-ए-मुहब्बत बयाँ न हो,
मुमकिन कहाँ था,
आग लगे और धुआँ न हो।
64.
मुझे दुआएं दिल से मिली हैं,
कभी खरीदने को
जेब में हाथ नहीं डाला।
65.
आराम से कट रही थी तो अच्छी थी,
जिंदगी तू कहाँ
इन आँखों की बातों में आ गयी।
66.
जिंदगी आ बैठ, ज़रा बात तो सुन,
मुह्ब्बत कर बैठा हूँ,
कोई मशवरा तो दे।
67.
तेरे ही अक्स को तेरा दुश्मन बना दिया,
आईने ने मज़ाक़ में
सौतन बना दिया।
68.
मुझे नींद की इजाज़त भी उसकी यादों से लेनी पड़ती है,
जो खुद तो सो जाता है,
मुझे करवटों में छोड़ कर।
69.
मुस्कराते रहो तो दुनिया आप के कदमों मे होगी,
वरना आसुओ को तो
आँखे भी जगह नही देती।
70.
हमें तो प्यार के दो लफ्ज ही नसीब नहीं,
और बदनाम ऐसे
जैसे इश्क के बादशाह थे हम।
71.
टुकड़े पड़े थे राह में किसी हसीना की तस्वीर के,
लगता है कोई दीवाना
आज समझदार हो गया है।
72.
आपकी यादें भी हैं,
मेरे बचपन के खिलौनो जैसी,
तन्हा होते हैं
तो इन्हें ले कर बैठ जाते हैं।
73.
चिराग कोई जलाओ की हो वजूद का एहसास,
इन अँधेरों में
मेरा साया भी छोड़ गया मुझको।
74.
नींद को आज भी शिकवा है मेरी आँखों से,
मैंने आने न दिया उसको
तेरी याद से पहले।
75.
कितने मसरूफ़ हैं हम जिंदगी की कशमकश में,
इबादत भी जल्दी में करते हैं
फिर से गुनाह करने के लिए।
76.
थक सा गया हूँ,
खुद को सही साबित करते करते,
खुदा गलत हो सकता है,
मगर मेरी मुहब्बत नहीं।
77.
मै झुकता हूँ हमेशा आँसमा बन के,
जानता हूँ कि
ज़मीन को उठने की आदत नही।
78.
तेरी यादों की कोई सरहद होती तो अच्छा था,
खबर तो रहती
सफर तय कितना करना है।
79.
जिस्म का दिल से अगर वास्ता नहीं होता,
क़सम खुदा की
कोई हादसा नहीं होता।
80.
तु हजार बार भी रूठे तो मना लुगाँ तुझे,
मगर देख,
मुहब्बत में शामिल कोई दुसरा न हो।