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अकेलापन तब और गहरा लगता है जब आसपास लोग हों, लेकिन समझने वाला कोई न हो। alone shayari उसी खामोशी, टूटे एहसासों और भीतर की तन्हाई को शब्दों में ढालती है, जिससे दिल का बोझ कुछ हल्का महसूस होता है।

जब रिश्ते बदल जाएँ और इंसान खुद से सवाल करने लगे, तब शायरी ही वह ज़रिया बनती है जो मन की बात कहने में मदद करती है। यह कलेक्शन उन पलों को दर्शाता है जब अकेलापन दर्द भी देता है और इंसान को खुद से जुड़ना भी सिखाता है।

1.
उस मुकाम पे आ गई है ज़िन्दगी जंहा,
मुझे कुछ चीज़े पसंद तो है पर चाहिए कुछ नहीं!

2.
अकेले आने और अकेले जाने के बिच
अकेले जीना सीखना ही जिंदगी है!

3.
जिंदगी में इन्सान उस वक्त टूट जाता है,
जब सब कुछ पास होकर भी वह अकेला रह जाता है!

4.
अकेले एक जगह पर बैठने का भी एक अलग ही एहसास होता है,
यहाँ सोचने का एक सुनहरा मौक़ा मिलता है!

5.
तू उदास मत हुआ कर इन हजारो के बीच,
आखिर चाँद भी अकेला रहता है सितारों के बिच।

6.
कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
हजारो लोग है मगर कोई उस जैसा नहीं है!

7.
आज इतना तनहा महसूस किया खुद को,
जैसे लोग दफना कर चले गए हो!

8.
जानता पहले से था मै लेकिन एहसास अब हो रहा है,
अकेला तो बहुत समय से हूँ मैं पर महसूस अब हो रहा है!

9.
कैसे गुजरती है मेरी हर एक शाम तुम्हारे बगैर,
अगर तुम देख ते तो कभी तनहा न छोड़ते मुझे!

10.
कभी मिल सको तो बेवजह मिलना,
वजह से मिलने वाले तो ना जाने,
हर रोज कितने मिलते है।

11.
किसके साथ चलूं किसकी हो जाऊं,
बेहतर है अकेली रहूँ और तनहा हो जाऊं!

12.
मुझको मेरे अकेलेपन से अब
शिकायत नहीं है ,
मैं पत्थर हूँ
मुझे खुद से भी मुहब्बत नहीं है।

13.
कुछ दर्द बस
दिल में ही रह जाते है,
दुनियां को क्या पता
हम क्या क्या सह जाते है..!!

14.
चुप रहना मेरी ताकत है
कमजोरी नही,
अकेले रहना मेरी आदत है
मजबूरी नहीं..!!!

15.
इस खामोशी में
कितनी ताकत है,
ये तुम्हे हमारा आने वाला
वक्त बताएगा..!!!

16.
मेरी पलकों का अब नींद से,
कोई ताल्लुक नही रहा,
मेरा कौन है ये सोचने में
रात गुज़र जाती है।

17.
न जाने क्यों खुद को अकेला सा पाया है,
हर एक रिश्ते में खुद को गवाया है,
शायद कोई तो कमी है मेरे वजूद में,
तभी हर किसी ने हमे यूँ ही ठुकराया है।

18.
कोई अच्छी सी सज़ा दो मुझको,
चलो ऐसा करो भूला दो मुझको,
तुमसे बिछडु तो मौत आ जाये,
दिल की गहराई से ऐसी दुआ दो मुझको।

19.
ए दिल जिसके दिल में तेरे लिए
कोई जगह ही नहीं है,
वही तेरे लिए खास क्यों है।

20.
लोग कहते हैं कि
बिना मेहनत कुछ पा नहीं सकते,
न जाने ये गम पाने के लिए
कौन सी मेहनत कर ली हमने|

21.
अकेला हूँ पर मुस्कुराता बहुत हूँ,
खुद का साथ बड़ी शिद्दत से दे रहा हूँ।

22.
हालात खराब हो तो अपने ही,
गैरो के जैसा बर्ताव करने लगते है।

23.
ज़िंदगी है जनाब,
दुःख तो देगी ही..!!!

24.
बारिश की हर एक बूंद को पता है
कि अकेलापन क्या होता है।

25.
भावनाएं मर चुकी हैं,
मैने खुद उन्हे अपने हाथो से दफन किया है..!!!

26.
अब नाराज नहीं होना है किसी से,
बस नजर अंदाज करके जीना है..!!!

27.
बर्बाद बस्तियों में तुम किसे ढूंढते हो,
उजड़े हुए लोगों के ठिकाने नहीं होते.!!!

28.
बहुत कुछ छोड़ा है तेरे भरोसे ए वक्त,
बस तू दगाबाज ना निकलना..!!!

29.
जो अकेले रहना सीख जाते है,
उन्हें फिर किसी और की जरुरत नहीं पड़ती।

30.
मन मेरा बेचैन सा है,
ना जाने क्यों ये खुदसे ही खफा सा है..!!!

31.
जिंदगी में कुछ खास नहीं!!
जो खास है वो पास नहीं..!!

32.
जब साथ छोड़ देते हैं सब अपने,
तब अकेलेपन से प्यार हो जाता है।

33.
जब किस्मत और हालात खराब हो तो,
बहुत कुछ सुनना और सहना पड़ता है।

34.
किसी ने कहा तुम बहुत अच्छे हो,
मैंने कहा यही तो खराबी है!

35.
खामोशी भी अब मेरी दोस्त बन गई है,
क्योंकि तन्हाई में अब कोई नहीं मिलता।

36.
जो कहते थे हंसते हुए बहुत अच्छे लगते हो,
आज वही रुला गए।

37.
घुटन बस भीड़ में ही नहीं होती,
अपने घर में भी होने लगती है।

38.
ना कोई हमदर्द था, ना कोई दर्द था,
फिर एक हमदर्द मिला उसी से दर्द मिला।

39.
वो तस्वीर लाखो मे बिक गई यारो,
जिसमे रोटी को तरसा बच्चा उदास बैठा था।

40.
अकेलेपन का अपना एक अलग मज़ा है,
यहां किसी से कोई शिकायत नहीं होती।

41.
तन्हाई में जीने के शौक़ीन हैं हम
कोई साथ रहे तो हमें अच्छा नहीं लगता।

42.
यह बादल यह धुंधलके यह फुहारे और यह तन्हाई
यह मौसम तो तुम्हारे साथ में होने का मौसम है
उम्मत गोस्वामी।

43.
वहशत हिज्र भी तन्हाई भी मैं भी अंजम
जब एकठे हुए सब एक ग़ज़ल और कही।

44.
सभी दरवाजे खुले हैं मेरी तन्हाई के
सारी दुनिया को मयस्सर है रफाकत मेरी।

45.
कुछ लोग अकेले हो जाने के ख़ौफ़ से
बे-क़द्रे लोगों के साथ बंधे रहते हैं।

46.
बुझने दे सब दिए मुझे तन्हाई चाहिए
कुछ देर के लिए मुझे तन्हाई चाहिए
अंजम सलीमी।

47.
मेरी तन्हाई का मुझे गिला नहीं
क्या हुआ जब कोई मुझे मिला नहीं

फिर भी दुआ करेंगे आपके वास्ते
आपको वो सब मिले जो मुझे मिला नहीं।

48.
मेरी तन्हाई का आलम न पूछो
ख़याल दोस्तों है और मैं हूँ
अंजम सिद्दीकी।

49.
अकेले रहना सीख चुका हूँ
अब दिल नहीं लगता महफ़िलों में।

50.
गो मुझे एहसास तन्हाई रहा शिद्दत के साथ
काट दी आधी सदी एक अजनबी औरत के साथ।

51.
मेरी रूह को तन्हाई की ज़ंजीर पहना कर
वो मेरे पास तो होता है मगर मेरा नहीं होता।

52.
यह इंतजार नहीं शमाँ है रफाकत की
इस इंतजार से तन्हाई खूबसूरत है।

53.
मेरा और चाँद का नसीब एक जैसा है
वो तारों में तन्हा, मैं हज़ारों में तन्हा।

54.
होशो हवास खोने लगा हूँ फ़िराक़ में
तन्हाईयों ने ऐसा मक़फ़ल किया मुझे
अशहद बिलाल इब्न चमन।

55.
ख़त्म ही नहीं होता तन्हाई का ये सिलसिला,
शायद कोई गहरी मसाफ़त में ढली है ये रात।

56.
तन्हा ज़िंदगी का भी अपना एक रंग है,
न किसी के आने की खुशी, न जाने का ग़म है।

57.
हम तो पहले ही उदास रातों में अकेले थे,
तेरे जाने के बाद वो तन्हाई और गहरी हो गई।

58.
उस मुकाम पे आ गई है ज़िन्दगी जंहा,
मुझे कुछ चीज़े पसंद तो है पर चाहिए कुछ नहीं!

59.
अकेले आने और अकेले जाने के बिच
अकेले जीना सीखना ही जिंदगी है!

60.
जिंदगी में इन्सान उस वक्त टूट जाता है,
जब सब कुछ पास होकर भी वह अकेला रह जाता है!

61.
अकेले एक जगह पर बैठने का भी एक अलग ही एहसास होता है,
यहाँ सोचने का एक सुनहरा मौक़ा मिलता है!

62.
तू उदास मत हुआ कर इन हजारो के बीच,
आखिर चाँद भी अकेला रहता है सितारों के बिच।

63.
कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
हजारो लोग है मगर कोई उस जैसा नहीं है!

64.
आज इतना तनहा महसूस किया खुद को,
जैसे लोग दफना कर चले गए हो!

65.
जानता पहले से था मै लेकिन एहसास अब हो रहा है,
अकेला तो बहुत समय से हूँ मैं पर महसूस अब हो रहा है!

66.
कैसे गुजरती है मेरी हर एक शाम तुम्हारे बगैर,
अगर तुम देख ते तो कभी तनहा न छोड़ते मुझे!

67.
कभी मिल सको तो बेवजह मिलना,
वजह से मिलने वाले तो ना जाने,
हर रोज कितने मिलते है।

68.
किसके साथ चलूं किसकी हो जाऊं,
बेहतर है अकेली रहूँ और तनहा हो जाऊं!

69.
मुझको मेरे अकेलेपन से अब
शिकायत नहीं है ,
मैं पत्थर हूँ
मुझे खुद से भी मुहब्बत नहीं है।

70.
कुछ दर्द बस
दिल में ही रह जाते है,
दुनियां को क्या पता
हम क्या क्या सह जाते है..!!

71.
चुप रहना मेरी ताकत है
कमजोरी नही,
अकेले रहना मेरी आदत है
मजबूरी नहीं..!!!

72.
इस खामोशी में
कितनी ताकत है,
ये तुम्हे हमारा आने वाला
वक्त बताएगा..!!!

73.
मेरी पलकों का अब नींद से,
कोई ताल्लुक नही रहा,
मेरा कौन है ये सोचने में
रात गुज़र जाती है।

74.
न जाने क्यों खुद को अकेला सा पाया है,
हर एक रिश्ते में खुद को गवाया है,
शायद कोई तो कमी है मेरे वजूद में,
तभी हर किसी ने हमे यूँ ही ठुकराया है।

75.
कोई अच्छी सी सज़ा दो मुझको,
चलो ऐसा करो भूला दो मुझको,
तुमसे बिछडु तो मौत आ जाये,
दिल की गहराई से ऐसी दुआ दो मुझको।

76.
ए दिल जिसके दिल में तेरे लिए
कोई जगह ही नहीं है,
वही तेरे लिए खास क्यों है।

77.
लोग कहते हैं कि
बिना मेहनत कुछ पा नहीं सकते,
न जाने ये गम पाने के लिए
कौन सी मेहनत कर ली हमने|

78.
अकेला हूँ पर मुस्कुराता बहुत हूँ,
खुद का साथ बड़ी शिद्दत से दे रहा हूँ।

79.
हालात खराब हो तो अपने ही,
गैरो के जैसा बर्ताव करने लगते है।

80.
ज़िंदगी है जनाब,
दुःख तो देगी ही..!!!

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